हमारे बारे में (About Us)
श्री रामचन्द्र सेवा धाम ट्रस्ट, नवलगढ़ में आपका हार्दिक स्वागत है ।
हमारा प्रधान कार्यालय श्री रामचन्द्र सेवा धाम परिसर नवलगढ़, तहसील नवलगढ़, जिला झुंझुनू, राजस्थान में स्थित है । ईश्वरीय प्रेरणा और परोपकार की भावना से स्थापित, यह एक सार्वजनिक जनहितार्थ संस्था है। हमारा मुख्य उद्देश्य सम्पूर्ण समाज के लिए आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक, शैक्षणिक, नैतिक एवं धार्मिक पुण्यार्थ तथा पर्यावरण रक्षा के कार्य करना है ।
श्री रामचन्द्र सेवा धाम ट्रस्ट का मुख्य उद्देश्य और कार्य
Team Members
सचिव का संदेश
नर सेवा ही नारायण सेवा है, इसी विश्वास और ईश्वरीय प्रेरणा के साथ हमने सार्वजनिक प्रन्यास के रूप में इस ट्रस्ट का गठन किया है । हमारी पूरी प्रबन्धकारिणी समिति का यह संकल्प है कि हम शिक्षा, पर्यावरण, गौ-सेवा और आध्यात्मिक उत्थान के माध्यम से समाज के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक अपनी सेवाएं पहुँचाएं। हम समाज, राष्ट्र और धर्म के हित में निरंतर कार्य करने के लिए प्रतिबद्ध हैं । इस पावन यात्रा में आपके सहयोग और समर्थन का सदैव स्वागत है।
श्री मुकेश दास

29+
वर्षों का अनुभव (नोट: पक्षी सेवा का कार्य 1997 से निरंतर जारी है)
5+
हजार सहयोगी व सनातनी
2
नवलगढ़ मुख्य
कार्यालय (झुंझुनू, राज.)
अनंत
मूक जीवों व पक्षियों की सेवा
हमारे बारे में (About Us)
मानव सेवा, गौ-सेवा और जीव संरक्षण के लिए बढ़ाएं कदम
श्री रामचंद्र सेवाधाम ट्रस्ट एक ऐसा पावन संकल्प है, जिसका उद्देश्य मूक पक्षियों, पूजनीय गौमाता और समाज के वंचित वर्गों की निःस्वार्थ सेवा करना है। भगवान पंचमुखी हनुमान जी के ‘करुणा और सामर्थ्य’ के संदेश को आत्मसात कर हम धरातल पर निरंतर कार्य कर रहे हैं।
इस पुनीत कार्य का हिस्सा बनें
हमारा सपना: मूक जीवों का संरक्षण और बच्चों को सुशिक्षित व संस्कारी भविष्य देना
हमारा दृढ़ विश्वास है कि ईश्वर की सच्ची आराधना उनकी बनाई सृष्टि और बेजुबान जीवों की सेवा में ही निहित है। पर्यावरण संतुलन के लिए पौधारोपण, पक्षी संरक्षण और गौ-सेवा के इस महायज्ञ में आपका हर एक प्रयास समाज को नई दिशा दे सकता है।
1

करुणा और जीव-सेवा (Giving Love & Care)
नवलगढ़ और आस-पास के क्षेत्रों में मूक पक्षियों के लिए नियमित दाना-पानी (चुग्गा), सुरक्षित आश्रय और पूजनीय गौमाता की चिकित्सा व चारे की समुचित व्यवस्था करना।
2

सहयोग और दान (Donations & Support)
आपके द्वारा दी गई एक-एक पाई अत्यंत पारदर्शिता के साथ सीधे धरातल पर जीव-सेवा, पक्षी साला प्रबंधन और लोक-कल्याणकारी कार्यों में लगाई जाती है।
3

स्वैच्छिक सेवा (Volunteering)
तन, मन और विचारों से इस सेवा यात्रा से जुड़ें। समाज में सनातन संस्कारों, पर्यावरण चेतना और बेजुबानों के प्रति संवेदनशीलता जगाने में हमारे सारथी बनें।
डिजिटल सेवा-मंडल के सदस्य बनें (Join Our Digital Wall of Fame)
क्या आप भी इस ईश्वरीय महायज्ञ में अपना नाम और पहचान जोड़ना चाहते हैं? ‘रतनगढ़ विद्या प्रकल्प’ और ‘गौ-पक्षी सेवा’ को समर्पित हमारे इस डिजिटल परिवार का अभिन्न हिस्सा बनें।
आज ही वेबसाइट पर अपना निःशुल्क अकाउंट बनाएं, अपनी तस्वीर (Profile Photo) लगाएं और अपना संकल्प दर्ज करें। आपकी उपस्थिति और आपका चित्र इस मंच पर अन्यों के लिए भी एक बड़ी प्रेरणा का कार्य करेगा।
