मेरी आध्यात्मिक अनुभूति: एक प्रकाश पुंज की यात्रा
आज मन की स्मृतियों के पट फिर से खुल गए। वह 30 वर्ष पुरानी बेचैनी, वह ईश्वर के होने न होने का संशय और फिर अचानक उस दिव्य प्रकाश पुंज का प्रकट होना… वह दृश्य आज भी आँखों के सामने जीवंत है। अंडाकार उस प्रकाश ने जब मेरे भीतर प्रवेश किया, तब केवल मेरा जीवन…


