कठोर लकड़ी या समर्पित फूल: क्या हम जीवन का मूल भूल गए हैं?
आज का युग तकनीकी और किताबी ज्ञान से भरा हुआ है। हमने ऊंचे मकान बना लिए, सुख-सुविधाओं का अंबार लगा लिया और इस भौतिकवाद बनाम आध्यात्म (Materialism vs Spirituality) चकाचौंध को ही अपना अंतिम सत्य मान लिया। आज के मनुष्य को लगने लगा है कि वह संसार में जो कर रहा है, वही सर्वोपरि है।…

