बस नाम लेते रहो राम का, साथ मिलेगा हनुमान का

जय श्री राम! 🚩 जय बजरंगबली!
बस नाम लेते रहो राम का, साथ मिलेगा हनुमान का! यह केवल एक भजन की पंक्ति नहीं, बल्कि जीवन का परम सत्य है। भारतीय आध्यात्म में राम और हनुमान का संबंध इतना गहरा है कि जहाँ-जहाँ प्रभु श्री राम का कीर्तन होता है, वहाँ संकटमोचन हनुमान स्वयं उपस्थित रहते हैं। जो भक्त सच्चे मन से राम का नाम जपता है, उसे बिना मांगे ही हनुमान जी की कृपा प्राप्त हो जाती है और उसके जीवन के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं।
शास्त्रों में हनुमान जी की वंदना करते हुए बहुत ही सुंदर श्लोक कहा गया है:
मनोजवं मारुततुल्यवेगं जितेन्द्रियं बुद्धिमतां वरिष्ठम्। वातात्मजं वानरयूथमुख्यं श्रीरामदूतं शरणं प्रपद्ये॥
(मनोजवं मारुततुल्यवेगं श्लोक अर्थ: जो मन के समान तेज और वायु के समान वेगवान हैं, जिन्होंने अपनी इंद्रियों को जीत लिया है, जो बुद्धिमानों में सर्वश्रेष्ठ हैं, उन वायु पुत्र, वानरों के सेनापति और श्री राम के परम दूत को मैं शरण में प्रणाम करता हूँ।)
प्रभु श्री राम की इसी पावन प्रेरणा और हनुमान जी के सेवा-भाव को हृदय में धारण करते हुए, श्री रामचन्द्र सेवा धाम ट्रस्ट निरंतर निस्वार्थ समाज सेवा के पथ पर अग्रसर है।
एक समर्पित गौ सेवा ट्रस्ट के रूप में, हम गौ माता की रक्षा और पालन-पोषण के लिए पूर्ण रूप से संकल्पित हैं। इसके साथ ही, प्रकृति और बेजुबान जीवों का संरक्षण करते हुए, नियमित रूप से पक्षियों के लिए दाना पानी की व्यवस्था करना हमारे प्रमुख सेवा कार्यों में से एक है। हमारा मानना है कि जीवों की सेवा ही ईश्वर की सच्ची आराधना है।
आइए, आस्था और सेवा के इस पवित्र यज्ञ में आप भी हमारा साथ दें। आप घर बैठे हमारे सेवा प्रकल्पों (गौ सेवा, पक्षी सेवा) से जुड़ सकते हैं और सुरक्षित ऑनलाइन डोनेशन के माध्यम से अपना बहुमूल्य योगदान देकर पुण्य के भागीदार बन सकते हैं।
🙏 श्री रामचन्द्र सेवा धाम ट्रस्ट की ओर से आप सभी को राम-राम!
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)







