स्वयं की खोज: संसार की भीड़ में अपना मार्ग पहचानने का सूत्र
आज का मानव साधन-संपन्न होकर भी भीतर से अशांत और खाली है। संसार में चारों तरफ सुख की सामग्रियां बिखरी पड़ी हैं, फिर भी दुखों का ग्राफ लगातार बढ़ता जा रहा है। यदि हम इस वैश्विक अशांति और व्यक्तिगत दुख के मूल कारण की गहराई में जाएं, तो हमें जीवन का एक कड़वा मगर परम…

