चकाचौंध भरे रिश्ते: किधर जा रहा है समाज?
लेखक: श्री मुकेश दास | श्री रामचन्द्र सेवाधाम ट्रस्ट आज के दौर में विवाह और पारिवारिक रिश्ते जैसे पवित्र बंधन भी दिखावे, स्वार्थ और भौतिक लालच की भेंट चढ़ते जा रहे हैं। सोशल मीडिया पर बड़ा नाम कमाने और क्षणिक सुख पाने की होड़ में रिश्तों की गहराई और मानवीय मूल्य पीछे छूटते जा रहे हैं। जहाँ कभी विश्वास रिश्तों…

