समय के सिंधु से आत्म-बोध की यात्रा: विज्ञान, प्रकृति और मनुष्य का अंतर्द्वंद्व
आज की यह दुनिया एक ऐसे चौराहे पर खड़ी है जहाँ चारों ओर शोर है, भीड़ है और तरक्की की अंधी दौड़ है। लेकिन जब हम इतिहास की परतों को टटोलते हैं, तो कुछ और ही सच्चाई दिखाई देती है। यह लेख उसी यात्रा की एक बानगी है, जहाँ प्राचीन पत्थरों से लेकर आधुनिक मानव…


