चुंबक, प्रकृति और इंसानी फितरत: क्या सचमुच कोई दुश्मन मित्र बन सकता है?
श्री रामचंद्र सेवाधाम ट्रस्ट – रतनगढ़ एवं नवलगढ़ संसार में सदियों से एक सवाल बार-बार उठता रहा है: क्या दुश्मन कभी मित्र बन सकता है? राजनीति और कूटनीति की दुनिया इसका उत्तर देती है कि “न कोई स्थायी मित्र होता है, न कोई स्थायी शत्रु; केवल हित स्थायी होते हैं।” समय और परिस्थितियाँ बदलती हैं…

