दुख और पीड़ा: सत्य और परमात्मा तक पहुँचने का मार्ग
दुख में सुमिरन सब करे, सुख में करै न कोय। जो सुख में सुमिरन करे, तो दुख काहे को होय॥ संसार का यह एक कठोर सत्य है कि मनुष्य अक्सर ज्ञान और ईश्वर की ओर तब दौड़ता है, जब जीवन में पीड़ा दस्तक देती है। जब तक जीवन की धारा सुख और भौतिक सुविधाओं के…



